मनुष्य की बर्बादी के सिर्फ 3 कारण, इनसे दूर ही रहना... - Hindi Nuskhe

मनुष्य की बर्बादी के सिर्फ 3 कारण, इनसे दूर ही रहना…

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक बार फिर से।

दोस्तों चाहे मर जाना पड़े लेकिन सुबह उठते ही यह पांच काम कभी भूल कर भी मत करना वह पांच काम कौन से है आइए जानते हैं इस वीडियो के माध्यम से दोस्तों दिन की शुरुआत अच्छी हो तो पूरा दिन अच्छा रहता है नहीं चाहता उसका दिन उलझन और परेशानियों से घिरा हुआ बीते हालांकि आपने महसूस किया होगा कि कभी-कभी दिन ऐसा बीतता है कि समय पर ना तो खाना मिलता है और ना ही मन को चयन प्राचीन मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार इसका असली कारण सुबह के समय की गई गलतियां होती है।

आप अभी तक अनजान है अक्सर बड़े बुजुर्गों को आपने कहते हुए सुना होगा उठकर ऐसा काम मत किया करो दरअसल मान्यता यह है कि कुछ गलत चीज करने से पूरा दिन बर्बाद हो सकता है कुछ लोग उदास हो जाते हैं तो कुछ के साथ घटना हो जाती है तो चलिए दोस्तों आज के इस वीडियो में हम आपको बताते हैं कि दिन की शुरुआत में ऐसे कौन से काम है जी बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

अब आपको बताते हैं उन कामों के बारे में जिनको आपको भूल कर भी सुबह उठते नहीं करना चाहिए।

नंबर एक है सुबह उठकर कभी भी व्यक्ति को अपने परिवार या अपने जीवन साथी के साथ वाद विवाद नहीं करना चाहिए सुबह उठकर वाद-विवाद करने से पूरा दिन तनाव बना रहता है व्यक्ति को परिवार के साथ हमेशा प्रसन्न होकर रहना चाहिए।

दूसरी बात जो व्यक्ति सुबह उठते ही झूठ बोलने लगता है उसका पूरा दिन खराब हो जाता है विशेषकर सुबह उठकर माता-पिता को कभी बच्चों के सामने झूठ नहीं बोलना चाहिए क्योंकि बच्चे अपने माता-पिता के द्वारा सिखाई हर एक चीज बहुत जल्दी सीख लेते हैं इसलिए कभी भी माता-पिता को अपने बच्चों के सामने झूठ नहीं बोलना चाहिए।

तीसरी बात शास्त्रों में कहा गया है कि सुबह उठने का सही समय ब्रह्म मुहूर्त बताया गया है जो भी व्यक्ति सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाता है उसका जीवन खुशियों से भरा रहता है जो व्यक्ति सूर्योदय के बाद भी सोता रहता है आलस का शिकार हो जाता है ऐसा व्यक्ति अपने जीवन में कभी भी सफलता नहीं प्राप्त कर पाता।

चौथी बात आचार्य चाणक्य जी कहते हैं अपने परिवार के किसी भी सदस्य का अपमान नहीं करना चाहिए सुबह उठकर किसी का अपमान कर देने से रिश्तो में दरार आने लगती है सुबह उठकर व्यक्ति को हमेशा अपने बड़ों का आदर सम्मान करना चाहिए आचार्य चाणक्य जी पांचवी बात यह बताते हैं कि व्यक्ति को सुबह उठकर किसी पर क्रोध नहीं करना चाहिए क्योंकि इंसान का सबसे बड़ा शत्रु क्रोध को बताया गया है सुबह उठकर क्रोध करने से व्यक्ति का पूरा दिन खराब जाता है और वह जीवन में सफलता प्राप्त नहीं कर पाता है इसलिए दोस्तों आप सुबह उठकर भूल कर भी इनका मांगो मत करना नहीं तो आप जीवन में कभी भी एक सफल इंसान नहीं बन पाएंगे।

मनुष्य की चार चीजों की बुक कभी नहीं मिलती धन जीवन वासना और भोजन। इन सब के लिए मनुष्य हमेशा भूखा रहता है पहले उसे यह चीजें इतनी भी मात्रा में मिल जाए लेकिन उसकी लालसा कभी समाप्त नहीं होती जीवन के इस लंबे सफर में यह सोच कर चलें कि कभी भी आप पर बुरा समय आ सकता है इसलिए इसी समय के लिए थोड़ा बहुत धन अवश्य बचा कर रखना चाहिए जब भी कभी इंसान पर बुरा समय आता है तो उसके अपने भी पराए हो जाते हैं यदि धन उसके पास हो तो वह उस समय का मुकाबला कर सकता है बहुत भले बन कर जीवन व्यतीत नहीं किया जा सकता।

क्योंकि भले और सीधे आदमी को हर कोई दवा लेता है उसकी शराफत और इमानदारी को लोग पागलपन समझते हैं जैसे जंगल में सीधे पेड़ों को ही पहले काटा जाता है और रेडीमेड यूं ही खड़े रहते हैं इसलिए आप इतने सीधे मत बनिए कि लोग आप को लूट कर ही खा जाए उल्लू दिन में देख नहीं सकता इसमें भला सूर्य का क्या दोष हो सकता है करील के पेड़ पर पत्ते नहीं आते और ना ही फूल खिलते हैं इसमें बसंत ऋतु का क्या दोष हो सकता है जातक के मुंह में वर्षा की एक बूंद नहीं गिरती इसमें भला बादल का क्या दोष है समझ लो कि यह सब कुछ विधाता की देन है।

ईश्वर महान है सर्वशक्तिमान है इस संसार की सारी बांगड़ और ईश्वर के हाथ में है ईश्वर ही राजा को दास और दास को राजा बना देता है ईश्वर ही गरीब को अमीर और अमीर को गरीब बना देता है ईश्वर पर भरोसा रखो क्योंकि वही सबका ख्याल रखता है हर पहाड़ के अंदर हीरे नहीं होते हर हाथी के मस्तक पर मुक्ता नहीं होती सब कामों पर अच्छे आदमी नहीं मिलते हर स्थान पर चंदन नहीं होता हर चमकने वाली चीज सोना नहीं होती यह सारी दुनिया विवादों से घिरी हुई है।

इसलिए जीवन में कोई भी निर्णय लेने से पहले अवश्य सोचना चाहिए जैसे हाथी बूढ़ा होने पर भी चंचल रहता है गन्ना कोल्हू में पहले जाने पर भी अपनी मिठास नहीं छोड़ता और सोना आग में तप ने के बाद भी अपनी चमक नहीं होता इसी प्रकार से अच्छे चरित्र वाले लोग कहीं भी चले जाएं वह अपने गुणों को नहीं छोड़ते कुछ पागल इंसानों ने पत्थर के टुकड़ों को ही रख लिया है लेकिन दोस्तों असलियत में तो केवल पानी और ज्ञान ही होते हैं।

और इन तीनों रत्नों से बड़ा और कोई रत्न नहीं हो सकता आप और पुणे में क्या अंतर है मेरे शत्रु कौन है और मित्र कौन है मुझे किस कार्य में लाभ हो सकता है तथा किस में हानि हो सकती है यह सोचकर मनुष्य को अपने जीवन का हर कदम उठाना चाहिए कठिन काम पड़ने पर सेवक की संकट के समय भाई बंधु की आपत्ति काल में मित्र की तथा धन का नाश होने पर अपने पत्नी की परीक्षा होती है।

शेर से एक बगुले से चार कौवे से 5 कुत्ते से छे और बाप से 3 गुण मनुष्य को सीखने चाहिए काम भले ही थोड़ा करो परंतु मन लगाकर करना चाहिए इंसान को यह शेर से सीखना चाहिए समय के अनुसार अपनी शक्ति से काम करने का गुण बबूले से सीखना चाहिए ठीक समय से जाग ना सोना ना कर भोजन करना यह गुण मुर्गे से सीखना चाहिए।

समय समय पर ना चौकस रहना दूसरों पर विश्वास न करना यह गुण कौवे से सीखना चाहिए बहुत भूख में भी संतुष्ट रहना गहरी नींद में सोते हुए भी जागते रहना मालिक की वफादारी करना यह गुण मनुष्य को कुत्ते से सीखने चाहिए यदि धन का नाश हो जाए मन की शांति भंग हो जाए तो इन सब बातों को बुद्धिमान लोग दूसरों को नहीं बताते हैं जो व्यक्ति दूसरों को बताने की भूल करते हैं लोग उनका मजाक ही बनाते हैं अपने हाथों से किया हुआ काम सबसे श्रेष्ठ होता है।

इसलिए मनुष्य को अपना हर कार्य अपने हाथों से ही करना चाहते हैं अंधाधुन खर्चा करने वाला तथा जो अपनी आमदनी से अधिक खर्चा करता है और दूसरों से झगड़ा करता है ऐसे लोग कभी सुखी नहीं रह सकते जैसे धरती खोदने से उस में से पानी निकलता है वैसे ही गुरु की सेवा करने से विद्या प्राप्त होती है यह बात सदा याद रखें कि गुरु की सेवा के बिना इंसान कभी अच्छी शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकता।

जो नारी अपने पति का कहना नहीं मानती और व्रत रखती है ऐसी नारी अपने पति की आयु कम करती है ऐसी नारियों को यह सोचना चाहिए कि पति की आज्ञा के बिना चलना उनके लिए कभी भी लाभदायक सिद्ध नहीं हो सकता उनके लिए स्वर्ग की प्राप्ति केवल पति की सेवा से ही संभव है जीवन का अर्थ यही है कि इसे सदा अच्छे काम में लगाए रखें अच्छे बने ज्ञान के कामों से पुरुष महान बनता है यह मत भूलो कि जीवन अस्थाई है इसलिए जीवन के हर पल का उपयोग किसी अच्छे कार्य के लिए किया जाना चाहिए जब तक जीवन है तब तक हर चीज में आनंद है कि तू जैसे ही मृत्यु आकर जीवन का अंत कर देती है इसके साथ ही हर चीज का अंत हो जाता है।

पुरुष आदिकाल से ही चंचल है इस संसार में भगवान को छोड़कर हर चीज अस्थाई है लक्ष्मी तो रमणी है सदा नृत्य करती है यह धन रिश्ते नाते घर द्वार सब अस्थाई है इनमें से कोई किसी का साथ नहीं देता और दोस्तों केवल धर्म ही है जो अटल सत्य है यह ज्ञान का भंडार है दूसरों का भला चाहने वाले ही आत्मिक शांति प्राप्त कर सकते हैं इंद्रियों पर संयम और जीवो पर दया करने से ही मुक्ति मिलती है कर्म से ही इंसान छोटा बड़ा बनता है।

इसलिए सदा अच्छे कर्म करो और बुराई से दूर रहो अच्छे कर्म करने से ही जीवन में शांति और सुख की प्राप्ति होती है जिस तरह से फूलों में खुशबू तिलों में तेल लकड़ी में आग दूध में घी इन सब चीजों को बाहर से देखकर आप इनके गुणों के बारे में अंदाजा नहीं लगा सकते क्योंकि यह गुण बाहर से दिखाई नहीं देते इन गुणों को पहचानने के लिए बुद्धि की आवश्यकता होती है।

इसी प्रकार मानव शरीर में आत्मा का निवास होता है किसी आत्मा को हम शरीर से अलग करके उसे पहचान नहीं सकते केवल अपने विचारों से ही इसकी पर कर सकते हैं देवता मिट्टी की मूर्ति हो अथवा मंदिरों में विद्यमान नहीं है देवता तो केवल हमारी आत्मा और हमारी भावनाओं में बसते हैं जैसे आपकी भावनाएं होंगी वैसा ही देवता का रूप होगा भावनाओं का मनुष्य के जीवन पर हर पहलू में प्रभाव पड़ता है जैसे किसी मनुष्य की भावना होगी वैसा ही फल मिलेगा इसलिए अच्छा फल पाने के लिए अपनी भावनाओं को शुद्ध रखिए।

जो ब्राह्मण प्राकृतिक रूप से पैदा हुए फल और अन्य पदार्थों को खा पीकर इस संसार से दूर जंगल में रहते हुए ईश्वर की पूजा करता है वही सच्चा भक्त महापुरुष एवं सच्चा ब्राह्मण माना जाता है इंसान और सांप में कौन अच्छा है इस प्रश्न का उत्तर यही है कि सांप तो केवल समय आने पर ही काटता है किंतु बुरे लोग हर पल बुराई करते रहते हैं इसलिए बुरा इंसान तो हर समय बुराई करके सांप से भी ज्यादा भयंकर हो सकता है सागर सबसे महान है किंतु इसमें भी तूफान आते हैं अपनी सारी सीमाएं तोड़ कर विनाश भी कर देता है।

परंतु सच्चे साधु और ज्ञानी लोग कभी भी अपनी सीमाएं नहीं तोड़ते कोई मनुष्य भले कितना भी सुंदर हो तथा उसका जन्म भले ही कितने बड़े घराने में हुआ हो परंतु वह पढ़ा लिखा नहीं है तो उसकी हालत उस फूल के जैसे होती है जो दिखने में तो सुंदर है परंतु सुगंध से वंचित है चक्रधारी कभी भी हमला कर सकता है सिंह वाले पशु कभी भी सिंह मारकर जख्मी कर सकते हैं कि आप कभी भी झूठा लांछन लगा सकती है और राज घराने के लोग जरा जरा सी बात पर बिगड़ जाते हैं इसलिए उनसे कभी भी खतरा पैदा हो सकता है इन लोगों की दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही बहुत खतरनाक होती है।

इसी प्रकार की अच्छी जानकारी रोजाना पढ़ने के लिए हमारे पेज हिंदी नुस्खे को अभी लाइक करें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!