इन 5 मंदिरों में पुरुष क्यों नहीं जा सकते...? - Hindi Nuskhe

इन 5 मंदिरों में पुरुष क्यों नहीं जा सकते…?

नमस्ते दोस्तों,

मित्रो हमारे देश का हर एक कोना आस्था और भक्ति से सराबोर है यहां अनेक परंपरा के मंदिर पाए जाते हैं और हर एक मंदिर की भक्तों के बीच अपनी आस्था भी है वही सभी मंदिर के अपने कुछ नियम और विशेषताएं होती हैं।

इन मंदिरों में कई ऐसे मंदिर भी है जहां महिलाओं का प्रवेश प्रतिबंधित है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में ऐसा मंदिर भी है जहां पुरुषों को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलती तो यह जानते हैं कि आखिर वह कौन से मंदिर है जहां पुरुषों का जाना मना है।

अट्टुकाल मंदिर केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम शहर में अट्टुकाल भगवती का प्राचीन मंदिर स्थित है कहते हैं इन देवी के दर्शन से कलयुग के समस्त दोषों का नाश हो जाता है। लेकिन सबसे हैरानी की बात यह है कि इस मंदिर में पुरुषों का आना मना है अट्टुकाल मंदिर का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध उत्सव पुंगल होता है।

जो 3 समुदाय का विशिष्ट माना जाता है ऐसा माना जाता है कि भद्रकाली माता पुंगल के दौरान 10 दिन तक मंदिर में निवास करती हैं यह माघ मास में पूर्ण में नक्षत्र उदय काल पर मनाया जाता है मंदिर में दर्शन के लिए इस पर पर लाखों की तादाद में महिला श्रद्धालु तिरुवंतपुरम आते हैं।

कामाख्या मंदिर कामाख्या मंदिर सभी 108 शक्तिपीठों और प्राचीन मंदिरों में से एक है जिसकी उत्पत्ति आरती शताब्दी में हुई थी इसे 16वीं शताब्दी में कूचबिहार के राजा नारा नारायण ने फिर से बनवाया था इसके बाद से से कई बार पुनर निर्मित किया गया है कामाख्या मंदिर में देवी की योनि की मूर्ति की पूजा की जाती है।

इसे गुफा के एक कोने में रखा गया है इसके अलावा मंदिर में देवी की कोई मूर्ति नहीं है हालांकि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं है लेकिन यह बात बहुत कम लोग ही जानते हैं कि इस मंदिर में पुरुषों को वर्ष के कुछ निश्चित दिन के दौरान मंदिर परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होती है किस मंदिर में भव्य अंबुबाची मेले का आयोजन किया जाता है।

जिसमें दूर-दूर से भक्त आते हैं इस दौरान मंदिर का मुख्य द्वार 4 दिनों तक बंद रहता है ऐसी मान्यता है कि इन दिनों देवी के मासिक धर्म का समय होता है इस अवसर पर पुरुषों को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होती है और उन दिनों केवल महिला पुजारी है सन्यासियों को मंदिर में पूजा पाठ और बाकी अन्य कामों को करने की अनुमति होती है।

ब्रह्मा मंदिर ब्रह्मा मंदिर राजस्थान के पुष्कर में स्थित है यह मंदिर पूरे भारत में इकलौता भगवान ब्रह्मा का मंदिर है चौदवी शताब्दी में बने इस मंदिर में शादीशुदा पुरुषों का जाना बिल्कुल मना है इस मंदिर में राजसी छवि वाली कमल पर विराजमान ब्रह्मा जी की चार मुख वाली मूर्ति बनी हुई है।

जिसकी भाई और उनकी पत्नी गायत्री और दाएं और सावित्री बैठी है ऐसा माना जाता है कि देवी सरस्वती की शराब की वजह से क्या कोई भी शादीशुदा पुरुष नहीं जा सकता इसलिए पुरुष सिर्फ आंगन से ही हाथ जोड़ लेते हैं और शादीशुदा महिलाएं अंदर जाकर पूजा करती हैं।

भगवती देवी मंदिर कन्याकुमारी के भगवती देवी मंदिर की भक्तों के बीच काफी श्रद्धा है मंदिर में मां भगवती की पूजा की जाती है पौराणिक थाओं की मानें तो प्राचीन समय में देवी मां यहां तपस्या करने आई थी।

ताकि उन्हें भगवान शिव पति के रूप में मिल सके तो वहीं दूसरी मान्यता की मां ने तुझे भगवान शिव देवी सती माता को लेकर भ्रमण कर रहे थे तो देवी सती की रीढ़ की हड्डी किस स्थान पर गिरी थी जिस के उपलक्ष में यह मंदिर का निर्माण किया गया बता दें कि इस मंदिर में किसी भी पुरुष को गेट के अंदर नहीं आने दिया जाता है।

भगवती माता को सन्यास देवी भी कहते हैं इसलिए सन्यासी पुरुष इसके तक ही मां के दर्शन कर सकते हैं वहीं शादीशुदा पुरुषों को इस मंदिर में जाने की अनुमति नहीं है यहां सिर्फ महिलाएं ही पूजा कर सकती हैं।

संतोषी माता मंदिर जोधपुर की संतोषी माता मंदिर में पुरुषों के प्रवेश पर शुक्रवार को प्रतिबंध लगा रहता है अगर पुरुष बाकी दिनों में मंदिर जा रहे हैं तो सिर्फ मंदिर के दरवाजे पर खड़े होकर माता के दर्शन कर सकते हैं लेकिन पूजा नहीं कर सकते।

शुक्रवार का दिन मां संतोषी का दिन होता है और इस खास दिन पर महिलाएं व्रत रखती हैं यही कारण है जिस वजह से इस दिन पूर्व यहां नहीं आ सकते हैं।

त्रंबकेश्वर मंदिर नाशिक स्थित त्रंबकेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है गर्भ ग्रह में पहले महिलाओं को जाने की इजाजत नहीं थी।

क्योंकि इस मंदिर का गर्भ ग्रह भगवान शिव को समर्पित है लेकिन साल 2016 में बंबई हाईकोर्ट ने किया कि अगर महिलाओं को मंदिर के गर्भ गृह में जाने की अनुमति नहीं है पुरुषों के जाने पर भी रोक लगनी चाहिए।

तभी से मंदिर के गर्भ गृह में पुरुषों के जाने पर भी रोक लगा दी गई है नियम लागू होने के बाद से त्रिंबकेश्वर में बाहर वालों के साथ गांव वालों को भी कर ग्रह तक जाने की इजाजत नहीं रहेगी यही नहीं पूजा भी दूर से ही की जाएगी और पुजारियों को भी अंदर जाने की एंट्री नहीं रहेगी।

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